जमशेदपुर कोर्ट के बाहर युवक के अपहरण की फैली अफवाह, पुलिस ने बताया- हिरासत में लिया गया था
Rumors of a youth's abduction spread outside Jamshedpur Court
जमशेदपुर। Rumors of a youth's abduction spread outside Jamshedpur Court, जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय के गेट संख्या तीन के पास बुधवार दोपहर युवक के कथित अपहरण की सूचना से अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने थार वाहन सवार लोगों द्वारा सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के चंडीनगर निवासी सुशील डे को जबरन ले जाते देखा तो अपहरण की चर्चा पूरे इलाके में फैल गई। हालांकि बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि युवक का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि उसे पुलिस ने ही हिरासत में लिया था।घटना की जानकारी मिलते ही सुशील डे की मां और छोटा भाई सीतारामडेरा थाना पहुंचे। वहां उन्हें बताया गया कि सुशील को ओलीडीह थाना ले जाया गया है। इसके बाद परिजन समर्थकों के साथ ओलीडीह थाना पहुंचे, जहां उस समय रथयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वरीय पुलिस अधिकारियों की बैठक चल रही थी।
परिजनों ने युवक से मिलने की मांग की, लेकिन अनुमति नहीं मिलने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि जानकारी मांगने के दौरान एक पुलिस अधिकारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और मारपीट करते हुए थप्पड़ मारकर थाना परिसर से भगा दिया।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग थाना के बाहर जुट गए और विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने एक डीएसपी का वाहन भी रोक दिया, जिससे मुख्य सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और सड़क पर आवागमन सामान्य कराया।
इधर, पुलिस सूत्रों के अनुसार सुशील डे को अपराध की योजना बनाने के संदेह में पकड़ा गया है। उसके पास से एक चापड़ भी बरामद किया गया है, जबकि उसके साथ मौजूद अन्य युवक मौके से फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि सभी संदिग्धों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
सुशील डे, सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के छायानगर में चापड़बाजी की घटना में मारे गए सन्नी पुष्टि का करीबी मित्र है। स्वजन का आरोप था कि आपराधिक मामलों के आरोपित अजीत मंडल ने ही सुशील के साथ मारपीट कर उसका अपहरण किया है।
उनका कहना है कि अजीत मंडल पिछले करीब चार माह से सुशील की तलाश कर रहा था। उल्लेखनीय है कि सन्नी पुष्टि की कुछ माह पहले गोली मारने और चापड़ से हमला कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक तथ्यों का पता लगाने में जुटी है।